गुरुग्राम: जहाँ अधिकांश पाँच वर्ष के बच्चे अक्षर ज्ञान या खिलौनों में व्यस्त रहते हैं, वहीं गुरुग्राम के दिविज श्रीवास्तव कम उम्र में ही ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में जुटे हैं। इतनी छोटी उम्र में खगोल विज्ञान और गणित में उनकी गहरी समझ ने शिक्षकों, परिवार और समाज को आश्चर्यचकित कर दिया है। श्रीमती रिधि श्रीवास्तव और श्री शशि श्रीवास्तव के सुपुत्र दिविज को सौरमंडल से जुड़ी जानकारियों में असाधारण रुचि और पकड़ है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब उन्होंने पाँच वर्ष से कम आयु में मात्र 14 मिनट 48 सेकंड में सौरमंडल से जुड़े 100 जटिल प्रश्नों के उत्तर देकर सभी को हैरान कर दिया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा को मिला सम्मान दिविज की इस अद्भुत प्रतिभा को प्रतिष्ठित भारत सम्मान द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई और उन्हें उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। दिविज विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को अत्यंत सहजता और उत्साह के साथ समझते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में विज्ञान के प्रति रुचि बच्चे में तार्किक सोच, जिज्ञासा और व्यापक शब्दावली विकसित करने में सहायक होती है। दिविज के लिए सीखना एक आनंदमय अनुभव है, जो रात के आकाश को देखने और नए तथ्यों की खोज से प्रेरित है। पड़ोसी और मित्र गर्व के साथ इस नन्हे वैज्ञानिक को भविष्य का चमकता सितारा मानते हैं। दिविज प्रतिदिन नई जानकारियाँ सीख रहे हैं और यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके लिए आकाश भी सीमा नहीं है। गुरुग्राम का नन्हा सितारा: 5 वर्षीय दिविज श्रीवास्तव को मिला ‘भारत गौरव सम्मान’ Post navigation Dr. Krishna Chouhan Successfully Organized The 7th Bollywood Legend Awards 2025 मंडी, हिमाचल की बहन शैलजा जी को उनके मानवीय मूल्यों के लिए मिला ‘भारत गौरव सम्मान’