नई दिल्ली। कॉर्पोरेट फ्रॉड, वैवाहिक विवाद, लापता लोगों की तलाश और साइबर अपराध जैसे मामलों में प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन कैसे काम करती है, इसे लेकर स्नूप के संस्थापक एवं जांच विशेषज्ञ दीपक कुमार ने भारत पॉडकास्ट पर कई अहम खुलासे किए। पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत के साथ खास बातचीत में उन्होंने कॉर्पोरेट धोखाधड़ी, डिजिटल फुटप्रिंट, एसेट ट्रेसिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। दीपक सारस्वत के कॉर्पोरेट फ्रॉड से जुड़े सवाल पर दीपक कुमार ने दावा किया कि करीब 59 फीसदी भारतीय कंपनियां किसी न किसी रूप में कॉर्पोरेट फ्रॉड का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 15 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले एक कर्मचारी ने कथित तौर पर डेढ़ साल में कंपनी से करीब 60 लाख रुपये का गबन कर लिया था। उनके मुताबिक ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होती है। पॉडकास्ट में दीपक कुमार ने एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनकी टीम ने दिल्ली के एक रियल एस्टेट डेवलपर की बहन को करीब 35 घंटे में ट्रेस कर लिया था। उन्होंने बताया कि जांच में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य वैध जांच तकनीकों से मिले सुरागों का इस्तेमाल किया जाता है। दीपक सारस्वत ने तलाक और वैवाहिक विवादों में प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन की भूमिका पर भी सवाल किए। दीपक कुमार के मुताबिक ऐसे मामलों में एसेट ट्रेसिंग के जरिए उपलब्ध कानूनी और सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर संपत्ति एवं वित्तीय स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी में कुछ जांच सेवाओं की शुरुआती फीस करीब 25 हजार रुपये है, जबकि जटिल मामलों में खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। साइबर अपराध और यूपीआई फ्रॉड पर चर्चा करते हुए दीपक कुमार ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाए, उतना बेहतर है। उन्होंने लोगों को संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने, निजी डेटा साझा करते समय सावधानी रखने और अपने डिवाइस की सुरक्षा अपडेट रखने की सलाह दी। साइबर फ्रॉड होने पर पीड़ित को तुरंत बैंक और आधिकारिक साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था से संपर्क करना चाहिए। भारत पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत और जांच विशेषज्ञ दीपक कुमार के बीच हुई इस खास बातचीत में प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन की बदलती दुनिया के कई पहलू सामने आए। दीपक कुमार ने कहा कि डिजिटल दौर में जांच के तरीके तेजी से बदले हैं, लेकिन किसी भी जांच में कानून, निजता और वैध प्रक्रिया का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण है। भारत पॉडकास्ट पर जांच विशेषज्ञ दीपक कुमार का खुलासा: कॉर्पोरेट फ्रॉड से वैवाहिक विवादों तक ऐसे होती है प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन Post navigation भारत पॉडकास्ट पर सौरभ सिन्हा ने खोले ज्योतिष, विवाह, करियर और वास्तु से जुड़े कई राज Mr. Hitesh Nihalani Marks 20+ Years With Crown Construction And N K Builders & Developers