(विशेष संवाददाता) : साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है कि जानी-मानी लेखिका रंजीता कुमारी को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर साहित्य सृजन, लेखन के प्रति समर्पण और समाज को सकारात्मक दिशा देने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। रंजीता कुमारी एक गृहिणी होने के साथ-साथ एक सफल लेखिका भी हैं। बचपन से ही उन्हें पढ़ने का गहरा शौक था, लेकिन कम उम्र में विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनके सपनों को विराम लग गया। दो बच्चों की परवरिश और पारिवारिक जीवन में व्यस्त रहने के बाद उन्होंने विवाह के लगभग बीस वर्षों बाद पुनः लेखन की शुरुआत की। साल 2024 में उनकी पहली पुस्तक, एक कविता संग्रह “एक विरहिणी सी औरत” प्रकाशित हुई, जिसे पाठकों द्वारा काफी सराहना मिली। उसी वर्ष उनका कहानी संग्रह “जीवन के रंग यादों के संग” भी प्रकाशित हुआ। वर्ष 2025 में उन्होंने दो उपन्यास “एक कहानी अपनी सी” और “सलोनी” के साथ-साथ एक और कविता संग्रह “आशना” प्रकाशित किया। वर्ष 2026 में उन्होंने बच्चों के लिए कहानी संग्रह “दादी-नानी की कहानियां: घूरता-घूरता” लिखकर बाल साहित्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सभी पुस्तकें रविना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई हैं और इनका विमोचन दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में भव्य रूप से किया गया। लेखन के साथ-साथ रंजीता कुमारी ने अब तक 11 पुस्तकों का संपादन भी किया है, जो उनकी साहित्यिक दक्षता और अनुभव को दर्शाता है। वर्तमान में वह ग्रामीण परिवेश पर आधारित एक नए उपन्यास पर कार्य कर रही हैं। रंजीता कुमारी का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को किसी कारणवश पीछे छोड़ देती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि दृढ़ संकल्प और मेहनत हो, तो किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि पर साहित्य प्रेमियों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है तथा सभी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। भारत गौरव सम्मान से सम्मानित हुईं लेखिका रंजीता कुमारी Post navigation दतिया जिले की रीना गौतम को मिला भारत गौरव सम्मान l Oriflame Presents Whosnext2026 Influencer Awards – East & Northeast Edition Celebrates Regional Voices In Kolkata