लखनऊ/खीरी। आज के युवा जहां अपने करियर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी युवा हैं जो देश सेवा को अपना सर्वोच्च लक्ष्य मानते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणादायक नाम हैं दीपांशु मौर्य, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, समर्पण और देशभक्ति के जज्बे से समाज में एक अलग पहचान बनाई है।
दीपांशु एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता श्री राजकुमार वर्मा एक मेहनती किसान हैं, जो अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। उनकी माता श्रीमती जयमाला रानी एक समर्पित शिक्षिका हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। परिवार से मिले संस्कार, अनुशासन और मेहनत की सीख ने दीपांशु को बचपन से ही मजबूत और लक्ष्य के प्रति समर्पित बनाया है।
दीपांशु के जीवन में उनके दादा श्री देवकी नंदन प्रसाद सिन्हा का विशेष स्थान है, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनके दादा की वीरता, अनुशासन और देशभक्ति की कहानियों ने दीपांशु के मन में देश सेवा का जज्बा जगाया। यही कारण है कि उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर पैरा एसएफ कमांडो बनने का सपना देखा है।
दीपांशु न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को इस कठिन लक्ष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई, फिटनेस और अनुशासन पर ध्यान देते हैं। उनका मानना है कि एक सच्चा सैनिक बनने के लिए आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है।
उनकी इसी प्रतिभा, मेहनत और देशभक्ति की भावना को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का प्रमाण है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर भी संकेत करता है।
दीपांशु मौर्य आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

भारत गौरव सम्मान से सम्मानित दीपांशु मौर्य: देश सेवा के जज्बे से प्रेरित युवा
इंदौर, मध्यप्रदेश: आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके राहुल सूर्यवंशी, जिन्हें उनके गुरु द्वारा दिया गया नाम ओंकार नाथ जी है, को उनकी अद्वितीय साधना, कला और आध्यात्मिक प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है।
पिछले लगभग 14 वर्षों से ओंकार नाथ जी नाथ सम्प्रदाय और अघोर पंथ की साधनाओं में निरंतर संलग्न हैं। इंदौर, मध्यप्रदेश के निवासी ओंकार नाथ जी ने अपने समर्पण, तप और साधना के माध्यम से इस क्षेत्र में गहन अनुभव प्राप्त किया है।
उन्होंने अघोर पंथ के सिद्धांतों, तंत्र साधना, पूजा-विधि और आध्यात्मिक क्रियाओं पर गहन अध्ययन और अभ्यास किया है। उनका मानना है कि यदि साधक को सही गुरु, उचित ज्ञान और धैर्य प्राप्त हो, तो वह जीवन में असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बना सकता है।
अपने साधना काल के दौरान ओंकार नाथ जी ने श्मशान जैसे कठिन और रहस्यमय स्थानों पर रहकर भी साधनाएं की हैं। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जाओं का अनुभव हुआ, जिसने उन्हें आध्यात्मिक जगत की गहराइयों को समझने में सहायता प्रदान की।
ओंकार नाथ जी ने अपने जीवन में कई शिष्यों को दीक्षा दी है, जो आज तंत्र साधना और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि तंत्र, मंत्र और यंत्र के माध्यम से व्यक्ति अपनी ऊर्जा को सही दिशा देकर जीवन की समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकता है।
उनकी इसी साधना, समर्पण और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए उन्हें “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है, जो उनके कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है।
लगभग डेढ़ दशक के अनुभव के साथ ओंकार नाथ जी का कहना है कि आध्यात्मिक साधना के मार्ग में असीम संभावनाएं हैं, बशर्ते साधक सही मार्गदर्शन, पूर्ण विश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़े।

ओंकार नाथ जी को अध्यात्म और कला के लिए “भारत गौरव सम्मान” से किया गया सम्मानित
दिल्ली में निस्वार्थ सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, समाज के कमजोर वर्गों के लिए बने उम्मीद की किरण
दिल्ली में समाज सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में डॉ. गंगा शरण आर्य विद्यावाचस्पति का नाम एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने जीवन को निस्वार्थ सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के लिए समर्पित किया है। उनके कार्यों का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।
डॉ. गंगा शरण आर्य का मानना है कि सच्ची मानव सेवा वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इसी सोच के साथ वे लंबे समय से गरीब, अनाथ और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त दवाइयां और परामर्श उपलब्ध कराते आ रहे हैं। उनके इन प्रयासों से अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और समाज में जागरूकता का विस्तार हुआ है।
शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए निरंतर प्रयास
शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। उन्होंने विभिन्न सामाजिक अभियानों के माध्यम से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और समान अवसरों के प्रति जागरूक किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए प्रयासों ने समाज में आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया है।
डॉ. गंगा शरण आर्य का मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझते हुए मानवता की सेवा को प्राथमिकता दे। इसी उद्देश्य के साथ वे निरंतर समाज के उत्थान और मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।
इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित
उनकी लगन, समर्पण और समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। इन्हीं उल्लेखनीय उपलब्धियों और उनके कार्यक्षेत्र में निरंतर समर्पण व लगन को देखते हुए उन्हें इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी नवाज़ा गया है। यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।
समाज के लिए प्रेरणा
आज डॉ. गंगा शरण आर्य विद्यावाचस्पति का व्यक्तित्व उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता वही है, जो मानवता की सेवा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित हो।


डॉ. गंगा शरण आर्य विद्यावाचस्पति: मानव सेवा और समाज कल्याण के प्रेरणास्रोत
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में वही लोग आगे बढ़ते हैं जो आत्मविश्वास, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना रखते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक युवा व्यक्तित्व हैं Shivi Sabharwal, जो अपने दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच के साथ सफलता की ओर निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
शिवी सभरवाल का मानना है कि जीवन में निरंतर सीखना और स्वयं को बेहतर बनाना ही सफलता की असली कुंजी है। वर्तमान समय में वह अपने करियर और भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं।
शिवी एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं और नई चुनौतियों को स्वीकार करना उन्हें बेहद पसंद है। उनके शौकों में कुकिंग, मॉडलिंग, डांस और खेलकूद शामिल हैं, जो उन्हें रचनात्मक और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। इसके अलावा उन्हें नई जगहों की यात्रा करना और विभिन्न संस्कृतियों को जानना भी बेहद पसंद है।
अपने अनुशासन, समय की पाबंदी और जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता के कारण शिवी अपने आसपास के लोगों के बीच एक सकारात्मक पहचान बना रही हैं। वे ईमानदारी और पारदर्शिता को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों में मानती हैं।
शिवी के जीवन में परिवार का विशेष महत्व है। वह अपने परिवार के साथ समय बिताना बेहद पसंद करती हैं और उन्हें अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं। उनका सपना है कि वे अपनी मेहनत और सफलता के माध्यम से अपने माता-पिता का नाम रोशन करें।
इनकी उपलब्धियों, लगन और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को देखते हुए इन्हें प्रतिष्ठित भारत गौरव सम्मान तथा इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी नवाज़ा गया है, जो उनके उत्कृष्ट प्रयासों और समर्पण का प्रमाण है।
अपने खाली समय में शिवी संगीत सुनना, फिल्में देखना और स्केचिंग करना पसंद करती हैं, जो उन्हें मानसिक सुकून और रचनात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
आशावादी सोच रखने वाली शिवी का मानना है कि मेहनत और लगन से किया गया हर प्रयास एक दिन अवश्य सफलता दिलाता है। अपने सकारात्मक विचारों और बड़े सपनों के साथ वे समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही हैं।


शिवी सभरवाल: आत्मविश्वास, मेहनत और बड़े सपनों के साथ सफलता की ओर अग्रसर
“India’s Largest World Record Show 500 models walk promoting only Swadeshi by India’s Fashion Guru Sonia Mayers on her concept show supported by govt Made in India Swadeshi Runway Season 8
The most spectacular fashion extravaganza as Made in India Swadeshi Runway Season 8
Promoting ‘Swadeshi’, the show features Indian & international models showcasing India’s power in fashion, education, and products.brings ‘Swadeshi’ to the forefront, making Indian youth proud.imfl Institute for skill .
Runway Director Dipti vora & team from all over India.
Actual numbers are 500 plus models,200 make up artist,20 fashion designer with 50 stylist a platform created to give work opportunity to young talent of india..a great concept by Visionery Sonia Mayers who is supported by govt & bollywood & fashion industry celebrities
Sonia Mayers is also the founder of Dr APJ Abdul Kalam Bharat puraskar started in 2017 which honors achievers with the APJ Abdul Kalam Bharat Puraskar, with Kalam’s family Apjmj Sheik Saleem & APJM Jainulabudeen, Nephew of Bharat Ratna Dr APJ Abdul Kalam
from Rameshwaram &gracing the occasion. Dignitaries include Ajay Vaide,asst Commissioner SGST , Santosh Singh,Devendra Tiwari, popular leader Abhijit Rane,Producer, Renowed bollywood actress & big boss fame konika Sadanand,Actress -Producer Poonam Jhawer , Abhijit Lahiri actor,Aashit Chatterjee,actor,Parleen Gill ,India Got Talant fame,Sarang Jagtap Chaitali Chatterjee ,BU Abdulla from UAE and Ridhima Pai.Many Chambers of commerce and many more.
The show supports social causes, promotes police helpline, and empowers transgenders. Supported by Indian Army & Police, this event is a global phenomenon.
The event was held on
28th & 29th March
At Uttar Bhartiya Sangh, Bandra, Mumbai.
Chief Rakesh Poduval & IMFL team has nailed the show success


“India’s Largest World Record Show 500 models walk promoting only Swadeshi by India’s Fashion Guru Sonia Mayers on her concept show supported by govt Made in India Swadeshi Runway Season 8
रविवार दिनांक २९/३/२०२६ की शाम खांडेश्वर नई मुम्बई संत गाडगे बाबा संत दिलीप बाबा विचार मंच तथा विदर्भ वैभव मंदिर मुम्बई, विदर्भ समाज संघ मुम्बई, संत गाडगे बाबा धर्मशाला इन संस्थानों द्वारा आयोजित भव्य समारोह में संत दिलीप बाबा और स्थानीय नगर सेवक,आमदार ,खासदार और मान्यवरों की उपस्थिति में गाडगे बाबा जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में गाडगे बाबा के विचारों को मंन मोहीत करने वाले लोकगीत के माध्यम से सुप्रसिद्ध प्रबोधनकार इंजि. पवन महाराज दवंडे ने उजागर किया।
कार्यक्रम का आकर्षण रहे संत दिलीप बाबा के कार्य और संदेश लोगों तक पहुंचाये गये। संतों की महानता और आज के साधुओं के कारनामे को दादासाहेब फाल्के फिल्म फोन्डेशन अध्यक्ष आशफाक खोपेकर ने बयान करते हुए संत गाडगे बाबा और संत दिलीप बाबा के कार्य अंधश्रद्धा निर्मूलन, स्वच्छता अभियान तथा शिक्षा को आगे बढ़ाकर देश का उद्धार करने का आव्हान किया । कार्यक्रम के शुभ अवसर पर आशफाक खोपेकर और आमदार बाळाराम पाटील, अशोक बारबदे (अध्यक्ष,विदर्भ वैभव मंदिर), गजाननराव नागे (महासचिव), पुरुषोत्तम भुयार (अध्यक्ष, विदर्भ समाज संघ), उत्तमराव लोणारकर, नगरसेवक विकास घरत, नगरसेवक हॅपी सिंग, नगरसेविका कुसुमताई रवींद्र म्हात्रे, नगरसेविका सौ. बायजा बबन बारगजे, माजी नगरसेवक शंकर म्हात्रे, एकनाथ भाऊ ठाकूर, प्रशांत दादा देशमुख, अमोल ठाकूर, अविनाश दादा पाटील, डॉ. श्रीकांत पाटील, डॉ. वैद्य दत्तात्रय कदम (कोल्हापूर), राजाराम शेलार महाराज, अरुणाताई गावंडे, गौरवभाई पोरवाल, डी. एन. यादव, प्रमोद भाऊ भगत , सुरदासजी गोवारी सुरेश खरात, शुभांगीताई खरात, विजय चिपळेकर ,सुनील आडे, डॉ अविनाश चव्हाण, राजेंद्र हटवार, नाना साहेब मगदूम ,कैलास सरगर, प्रदीप महाले , प्रकाश नागरत्ने , प्रकाश चव्हाण, भीमराव सुरवाडे, दिलीप बाबा यांचे सेवक भवरलाल पवार , बलदेव सिंग यादव , राऊत साहेब योगा ग्रूप ,निंबाळकर साहेब हाजारि लाल सैनी , दिनेश राठोड , जेष्ठ नागरिक संघाचे बाळकृष्ण शिंदे , निंबाळकर गुरुदेव आर पी यादव , राधेश्याम सिंह राधे राधे, रामकृष्ण इंद्रा, प्रकाश पद्ममन, सुखराज यादव , राजेंद्र यादव , ईश्वर सिंह सांगवान , पुंडलिक एडके, मान्यवरों को संत दिलीप बाबा द्वारा शाल और गाडगे बाबा के मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन मे रात्रि भोजन भंडारे का समावेश किया गया । श्री अनील मेश्राम और उत्तमराव लोणारकर, उमेश तांबे, अविनाश चव्हाण, गुरुदेव येस कुमार, श्यामजी वानखेडे, भीमराव खराटे, वसंत हरले, अरुणभाऊ मोहोड, विजय मोहोड, नरसिंह राम, भास्कर चिचुलकर, जीवन मटके, दादू निकाळजे, महादेव दौंड
इन सब कार्यकर्ताओं का कार्य उल्लेखनीय रहा।


संत गाडगे बाबा १५० वी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में आशफाक खोपेकर सम्मानित।
Music Director Debojit Lahiri Honored at the Iconic Business Awards 2026
At the grand ceremony of the Iconic Business Awards 2026, held at Delhi’s prestigious Constitution Club of India, Music Director Debojit Lahiri was honored for his magnificent contribution spanning over 30 years.
During this dignified ceremony, numerous creative personalities from various fields were felicitated for their expertise and contributions within their respective domains. Each individual has brought a unique identity and inspiration to society through their work.
Debojit Lahiri’s musical journey has not been limited merely to melodies—
As a music mentor, he has guided hundreds of young individuals, honed their talents, and paved the way for their entry into the industry.
Special Contribution to Music Mentoring:
His mentorship has not been confined merely to teaching; rather, it has served as a medium for transforming lives. He has bestowed upon his students not just knowledge of Sur (melody) and Taal (rhythm), but also self-confidence and a sense of identity.
Recognition for Music Composition:
His compositions reflect a profound emotional depth and the truth of the soul—every melody tells a story that touches the heart directly.
Role as a Veteran Social Worker:
As an experienced social worker, he has provided free music education to students in outreach programs.
He has empowered them, helped uncover their hidden talents, and connected them with employment opportunities.
His endeavors represent not merely an artistic pursuit, but a strong foundation for nation-building.
Upon receiving this honor, he became emotional as he expressed his gratitude to the Divine, describing this accolade as a significant milestone in his journey of service.
“One Step Towards an Empowered India.”


Music Director Debojit Lahiri Honored With The Iconic Business Award 2026 At The Hands Of Preeti Jhangiani
एक ऐसे दौर में जहाँ खुद को नए रूप में ढालना ही असली सफलता की पहचान है, दीपक मांडलिक की यात्रा साहस, रचनात्मकता और दूरदर्शी सोच का अद्भुत उदाहरण है।
बॉलीवुड की चमक-दमक से लेकर स्वादिष्ट व्यंजनों की दुनिया तक, दीपक ने एक ऐसी अनोखी राह बनाई है जो कलाकारों और उद्यमियों—दोनों के लिए प्रेरणादायक है।
इंदौर जैसे शहर से जुड़ी उनकी जड़ें, जो अपने लाजवाब स्ट्रीट फूड और समृद्ध खान-पान संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, उनके इस नए सफर की मजबूत नींव बनीं। अपने जुनून और कुछ नया करने की प्रबल इच्छा के साथ, दीपक ने फूड इंडस्ट्री में कदम रखा और एक ऐसे ब्रांड की कल्पना की जो परंपरागत स्वाद को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत करे।
उनकी इस यात्रा में एक अहम मोड़ तब आया जब अहमदाबाद में उनकी मुलाकात डॉ. हरमीत सिंह सिख और उनके भाई चरणजीत सिंह सिख से हुई। ( Founder of IKAI ),
दीपक की सोच और विज़न से प्रभावित होकर, दोनों भाइयों ने तुरंत उनके साथ हाथ मिला लिया। इस मजबूत साझेदारी ने “स्वीट एंड सॉल्टी” फ्लेवर के साथ एक नया अनुभव देने का संकल्प लिया, जो हर फूड, लवर के दिल को छू सके।
इस सफर को और भी ऊर्जा और नई सोच तब मिली जब दीपक के बेटे—उत्कर्ष और यश—भी इस परिवारिक व्यवसाय से जुड़ गए।
उनके सामूहिक प्रयासों का परिणाम है एक शानदार और अनोखा ब्रांड—IKAI—जो आज गुणवत्ता, नवाचार और बेहतरीन स्वाद का प्रतीक बन चुका है।
IKAI केवल एक फूड ब्रांड नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी पहल है। ज़मीन से शुरुआत करते हुए, दीपक ने एक अत्याधुनिक प्रोडक्शन यूनिट स्थापित की, जहाँ 200 से अधिक अनोखे Namkeen उत्पाद तैयार किए जाते हैं। हर प्रोडक्ट में पारंपरिक भारतीय स्वाद और आधुनिक प्रस्तुति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
एक अनुभवी फूड कंसल्टेंट के रूप में दीपक की विशेषज्ञता ने IKAI को और भी ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। हर उत्पाद में उनकी गुणवत्ता, मौलिकता और ग्राहक संतुष्टि के प्रति प्रतिबद्धता साफ झलकती है।
आज IKAI का फ्लैगशिप आउटलेट, बांद्रा लिंकिंग रोड पर स्थित, इस सफलता की जीती-जागती मिसाल है।
यह स्थान उन लोगों के लिए खास आकर्षण बन चुका है जो कुछ अलग और यादगार स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं।
दीपक मांडलिक की सबसे बड़ी खासियत है उनकी बहुमुखी प्रतिभा। थिएटर में सराहना पाने से लेकर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने तक, और फिर एक सफल फूड बिज़नेस खड़ा करने तक—उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा यह साबित करती है कि अगर आपके पास जुनून, विज़न और बदलाव को अपनाने की क्षमता है, तो आप किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।
पूरी टीम के आत्मविश्वास और निरंतर बढ़ते विज़न के साथ, यह कहना गलत नहीं होगा कि वह दिन दूर नहीं जब IKAI भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा और हर फूड लवर की पहली पसंद बनेगा। .


बॉलीवुड से नमकीन ki Duniya तक! दीपक मांडलिक की यात्रा साहस, रचनात्मकता और दूरदर्शी सोच का अद्भुत उदाहरण है
मुम्बई. गायिका शोनाली मिश्रा के जीवन के संघर्ष और बॉलीवुड तक के सफ़र की कहानी कई नई प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकती है. उत्तर प्रदेश के कानपुर की निवासी शोनाली मिश्रा ने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ कर अपने संगीत के सपनों को चुनने का साहस दिखाया और आज संगीत जगत में चमक रही हैं.
बचपन से ही उनकी रगों में संगीत दौड़ता था। हलांकि, उनके माता-पिता चाहते थे कि वह एक डॉक्टर बनें। उनकी ख़ुशी के लिए सोनाली ने दिन-रात मेहनत की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण भी की। लेकिन दिल तो सुरों में बसा था। वो फैसला आसान नहीं था, पर उन्होंने मेडिकल छोड़ कर अपने संगीत के सपनों को चुनने की हिम्मत दिखाई.
जुनून की राह: कानपुर से लखनऊ का सफर
संगीत सीखने का उनका जज्बा ऐसा था कि वह कानपुर से लखनऊ हर रोज 90 किलोमीटर का सफर तय करती थी। ये सिलसिला पूरे 8 साल तक चला, जहां उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं और अपना कोर्स पूरा किया। इसी दौरन, उन्होंने लाइव परफॉर्मेंस देना शुरू किया, जिसने उनमें एक नया आत्मविश्वास भर दिया।
देश-विदेश में गूंजती आवाज़
धीरे-धीरे शोनाली की प्रस्तुति सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रही। उन्हें मौका मिला कि वह देश के बाहर भी अपनी गायकी का जादू बिखेरे। उन्होंने इजराइल, सिंगापुर और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में लाइव परफॉर्मेंस दी, जहां लोगों ने संगीत के प्रति उनके समर्पण को बहुत सराहा।
मुंबई और बॉलीवुड डेब्यू
उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें मुंबई के मशहूर ‘सिम्फनी शो’ के लिए एक गायिका के तौर पर चुना गया। बस, वहीं से कानपुर से मुंबई तक का उनका सफर शुरू हुआ। एक नए शहर में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन उनकी आवाज ही उनकी ताकत थी। ढेरों स्टूडियो और म्यूजिक डायरेक्टर्स के चक्कर लगाने के बाद, उन्हें बॉलीवुड में अपना पहला ब्रेक मिला। हिन्दी फिल्म ‘बॉम्बे’ के दो गीत गाने का मौका मिला, जिसके कन्नड़ वर्जन में उन्होंने अपनी आवाज दी और एक पार्श्व गायिका के रूप में अपनी जगह बनाई।
भक्ति संगीत में पाई अलग पहचान
संगीत के साथ उन्हें गहरा लगाव उन्हें भक्ति की तरफ भी ले गया। शोनाली ने सारेगामा भक्ति और ऑडियो लैब भक्ति जैसे बड़े चैनल के लिए गाने शुरू कर दिए। आज उनका खुद का एक भक्ति चैनल है, जहां उनके गाने समय-समय पर रिलीज होते रहते हैं।
शोनाली मिश्रा कहती हैं “आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं, तो गर्व होता है कि मैंने अपने दिल की सुनी। कानपुर से शुरू हुआ वो 90 किमी का सफर आज मुझे दुनिया के बड़े मंच तक ले आया है।”


गायिका शोनाली मिश्रा की लाइफ स्टोरी: कानपुर से बॉलीवुड तक का उनका सफ़र है इंस्पायरिंग
कॉन्टेंट किंग्स ने 23 मार्च को अपनी आगामी थ्रिलर फिल्म *“साइको”* के लिए एक भव्य प्रेस मीट का आयोजन किया, जिसमें मीडिया और इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों की उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में फिल्म के मुख्य कलाकार *तानिया घोष, वेंकट रमेश, जय तारी, प्रण बदजात्या, इशिका बोरा, हरभजन सिंह भट्टी* और *हिरेन राठौड़* मौजूद थे। इसके अलावा फिल्म में *रौनक सिदाना, सिति कंथ सहाय* और *सोनिया गुरधर्शन घुमन* भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फिल्म का ट्रेलर लॉन्च रहा, जिसे मीडिया और दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसने फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है।
## *नए प्रोजेक्ट्स का ऐलान, नए चेहरों की एंट्री*
ट्रेलर लॉन्च के बाद, कॉन्टेंट किंग्स के सीईओ और फाउंडर *शिराज़ हेनरी* ने मंच संभालते हुए आने वाले प्रोजेक्ट्स की घोषणा की और नए कलाकारों से परिचय कराया। इन नए चेहरों में *माया जायसवाल, स्वाति राय, आरज़ू, रोली द्विवेदी, वर्षा श्रीवास्तव, अंजलि सिंह* और *दीपिका गुप्ता* शामिल हैं।
* *माया जायसवाल* अभिनेता *विक्रम मकंदार* (जुली फेम) के साथ फिल्म *“द एम्प्टी रूम”* में नजर आएंगी
* *स्वाति राय, आरज़ू और हरभजन सिंह भट्टी* हॉरर-थ्रिलर फिल्म *“स्माइल”* में मुख्य भूमिका निभाएंगे, जिसमें रूसी अभिनेत्री *एस्मी लॉरेंट* भी शामिल होंगी
* *रोली द्विवेदी* और अन्य कलाकार कॉन्टेंट किंग्स के आगामी थ्रिलर प्रोजेक्ट्स का हिस्सा होंगे
*101 फीचर फिल्म्स और 1000 शॉर्ट फिल्म्स का बड़ा लक्ष्य*
कॉन्टेंट किंग्स ने अपने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि कंपनी *101 फीचर फिल्म्स* को विश्व स्तर पर डिजिटल रिलीज करने और *1000 शॉर्ट फिल्म्स* को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए बनाने का लक्ष्य रखती है।
यह घोषणा डिजिटल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति को दर्शाती है।
*“वाइब्स” ने 20 दिनों में पार किए 20 लाख व्यूज़*
कॉन्टेंट किंग्स की शॉर्ट फिल्म *“वाइब्स”* ने यूट्यूब चैनल एंटरटेनमेंट फैक्ट्री पर मात्र *20 दिनों में 20 लाख व्यूज़* हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है, जो दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
*प्रोडक्शन में बड़ी उपलब्धि*
शिराज़ हेनरी ने बताया कि:
* *15 से अधिक फीचर फिल्म्स* (प्रत्येक 90 मिनट से अधिक) पूरी हो चुकी हैं
* *44 शॉर्ट फिल्म्स* का निर्माण *MFC* और *Find Studioz* बैनर के तहत किया गया है
* इन प्रोजेक्ट्स में निर्माता *रेबेका चांगकिजा सेमा* का सहयोग रहा है
* सभी कंटेंट को *कॉन्टेंट किंग्स* प्रस्तुत कर रहा है
*“शहादत” को मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान*
कॉन्टेंट किंग्स की नई फिल्म *“शहादत”, जिसका निर्देशन **रमेश वेंकट* और *शिराज़ हेनरी* ने किया है, फिलहाल *रिलायंस एंटरटेनमेंट चैनल* पर स्ट्रीम हो रही है और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना और पुरस्कार प्राप्त कर रही है।
*इंडी सिनेमा को बढ़ावा देने का लक्ष्य*
थ्रिलर, हॉरर और बड़े स्तर पर कंटेंट निर्माण के साथ, कॉन्टेंट किंग्स तेजी से डिजिटल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना है।
इस दौरान *शिराज़ हेनरी* ने मीडिया से यह भी कहा कि उनके सभी प्रोजेक्ट्स *इंडी सिनेमा* के अंतर्गत आते हैं और वे स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं (इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


कॉन्टेंट किंग्स ने ग्रैंड प्रेस मीट में थ्रिलर फिल्म “साइको” का किया अनावरण