अब मल्टीस्टारर फ़िल्म लेकर आ रहे हैं रवि भूषण
भोजपुरी फ़िल्म जगत में एक दर्जन से भी अधिक फिल्मो का लेखन , निर्देशन कर चुके रवि भूषण अब लेकर आ रहे हैं एक मल्टी स्टारर फ़िल्म । सात अभिनेता , पांच अभिनेत्री और चार खलनायको वाली फिल्म का हालांकि अभी नाम तय नही हुआ है पर इस फ़िल्म की शुरुआत पूजा अर्चना के साथ रक्षा बंधन पर कर दी गई है । रवि भूषण ने बताया कि उनकी यह फ़िल्म सामाजिक सरोकार पर आधारित होगी जिसमें देशभक्ति का अलख जगाने वाले संदेश भी होंगे । उल्लेखनीय है कि भोजपुरी फ़िल्म जगत में रवि भूषण की गिनती सार्थक फिल्मो के निर्देशक के रूप में होती है ।

उनकी पिछली फिल्म तेरे जइसा यार कहाँ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा व्यवसाय किया था और बिहार के सीतामढ़ी में पचास दिवस का सफर तय किया था जबकि अन्य सिनेमा घरों में भी फ़िल्म को दर्शको का अच्छा प्रतिसाद मिला था । रवि भूषण ने बताया कि उनकी अगली फिल्म की विधिवत शुरुआत जल्द ही हो जाएगी और अक्टूबर में फ़िल्म की शूटिंग नेपाल की खूबसूरत वादियों में की जाएगी । ——Uday Bhagat(PRO)
अंजना सिंह का जन्मदिन धमाल
भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक कही जाने वाली अभिनेत्री अंजना सिंह ने अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया । मुम्बई के ड्रिंकिंग कल्चर में आयोजित जन्मदिन समारोह में कुणाल सिंह, रवि किशन , प्रवेश लाल यादव , प्रदीप पांडे चिंटू, विक्रांत सिंह राजपूत, राजकुमार पांडे, आदित्य ओझा , शुभी शर्मा , संगीता तिवारी , सीमा सिंह , करण सिंह प्रिन्स , अनारा गुप्ता , लवी रोहतगी , मधुवेंद्र राय , सूर्या द्वेदी, रत्नाकर कुमार , राहुल खान, बालेश्वर सिंह , पराग पाटिल, विकास सिंह वीरप्पन, दीपक भाटिया, कुलदीप श्रीवास्तव, उदय भगत , पवन दुबे और रामचन्द्र यादव आदि नामचीन लोगो की मौजूदगी में अंजना ने अपना केक काटा । इसके पूर्व उनके जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालो का तांता लगा रहा । ——Uday Bhagat(PRO)

भोजपुरी फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ का फर्स्ट लुक आउट
अनिल काबरा और प्रदीप सिंह निर्मित भोजपुरी फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ का फर्स्ट लुक आउट हो गया। फिल्म के आज जारी हुए पोस्टर बहुत हद तक फिल्म के कहानी को जस्टिफाई करती है। इंडिया ई-कॉमर्स लिमिटेड व ग्रीन चिल्ली मीडिया एंड फिल्म्स प्रा. लि. के बैनर तले बनी यह फिल्म अभी पोस्ट प्रोडक्शन के अंतिम दौर में है और यह इस दशहरे पर रिलीज होगी। ये जानकारी खुद निर्माता अनिल काब काबरा और प्रदीप सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि फेमस म्यूजिक डायरेक्टर से निर्देशन की क्षेत्र में आए रजनीश मिश्रा इस फिल्म से भोजपुरिया माटी की सुंगध को में बिखरने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ में एक बार फिर खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी से रजनीश मिश्रा इश्क लड़वायेंगे। वे इससे पहले ब्लॉक बस्टर फिल्म ‘मेंहदी लगा के रखना’ बना चुके हैं, जिसमें खेसारीलाल यादव,काजल राघवानी और अवधेश मिश्रा की केमेस्ट्री काफी पसंद की गई थी। फिल्म लेकर उत्साहित निर्देशक रजनीश मिश्रा की मानें तो ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ से सभी कलाकारों का गहरा लगाव हो गया है, जिस वजह से यह फिल्म और भी निखर सामने आई है।

रजनीश कहते हैं कि असल भोजपुरिया सामाजिक और संस्कृति के समन्वय पर लिखी इस फिल्म की पटकथा हमारे दिल के करीब है। इसमें प्यार भी है। तकरार भी है। इंकार भी है। इजहार भी है। मार – धार भी है। कहानी की बुनावट ऐसी है कि फिल्म अनाउंसमेंट के बाद से ही लोगों ने इसके लिए अपनी पलकें बिछाये रखी हैं। फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ में भोजपुरी माटी के उन रंगों को लेकर तैयार है, जो असल मायने में लोगों की जिंदगी में होते हैं।
बता दें कि फिल्म की परिकल्पना अनंजय रघुराज सिंह ने की है। फिल्म में खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी की हिट जोड़ी के अलावा अवधेश मिश्रा, संजय पांडेय, संजय महानंद, किरण यादव, सुमन झा, गोपाल राय, आनंद मोहन पांडेय, धामा वर्मा, देव सिंह, दीपक सिन्हा और रोहित सिंह मटरू ने भी मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म के प्रचारक हैं रंजन सिन्हा व संजय भूषण पटलियाला और फिल्म के गीतकार प्यारेलाल यादव, श्याम देहाती, पवन पांडेय और आजाद सिंह हैं। ———–सर्वेश कश्यप(PRO)
अंतिम चरण में “बलमा रंगरसिया”,जल्द ही होगी रिलीज
भोजपुरी सिने जगत में इनदिनो फ़िल्म “बलमा रंगरसिया” चर्चा का विषय बना हुआ है। फ़िल्म के जरिये नवोदित “सुंदरम”भोजपुरी फिल्मो में पदार्पण करने वाले हैं। ट्रेड के लोगो के साथ भोजपुरी दर्शक भी इस अभिनेता को देखने के लिए बेताब है और फ़िल्म के प्रदर्शन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। गांधी एंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म का प्रदर्शन अगले माह बिहार झारखंड के सर्वाधिक थिएयरों में किया जाएगा।
फ़िल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम जोड़ शोर से चल रहा है। फ़िल्म से जुड़े सूत्रों की माने तो पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य अंतिम चरण में है और लीगल कार्यों को निबटा कर फ़िल्म को दशहरा के मौके पर रिलीज करने की तैयारी जोर शोर से चल रही हैै।

फ़िल्म के निर्माता विश्वनाथ पोद्दार हैं। इनके अनुसार फ़िल्म में उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है। उम्दा कहानी और अद्भुत निर्देशन ने इस फ़िल्म को काफी मनोरंजक बना दिया है। फ़िल्म के निर्देशक ओंकार आनंद हैं। निर्माता आगे कहते हैं इस फ़िल्म से मुझे काफी उम्मीदें हैं फ़िल्म में दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर वो चीज़ है जिनका दर्शकों को इंतज़ार रहता है।
बलमा रंगरसिया स्वस्थ प्रेम कहानी पर आधारित एक मनोरंजक फ़िल्म है जिससे अश्लीलता को दूर रखा गया है। आम भोजपुरी फिल्मों से अलग इसके गीत-संगीत काफी कर्णप्रिय हैं,गीत विश्वनाथ पोद्दार और विदेशी शर्मा ने लिखे हैं जिसे संगीत से सजाया है गणेश एस पाठक ने। वही पटकथा और संवाद काफी दमदार है जिसे लिखा है सत्येंद्र स्वामी और राम सुंदर गांधी “सुंदरम” ने। फ़िल्म की कहानी भोला बसंत ने लिखी है और फ़िल्म के पी आर ओ सर्वेश कश्यप हैं। यह फ़िल्म अपने निर्माण के समय से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी शूटिंग बिहार के बेगूसराय और मुम्बई के विभिन्न लोकेशनों पर की गई है। आइटम क्वीन सीमा सिंह आइटम डांस करते दिखेंगी। नृत्य निर्देशक गणेश के सपना है,फ़िल्म के मुख्य भूमिका में सुंदरम,अमर ज्योति हैं साथ ही सुधीर कुमार,रंजना देसाई,स्वेता शर्मा,नीरज यादव,अबध ठाकुर,आशुतोष खरे,अली खान,रूपा सिंह,भोला बसन्त,लवली सिंह,अभय शर्मा,पिंकी सिंह,छाया इत्यादि भी अहम भूमिका में दिखेंगे।
———–सर्वेश कश्यप(PRO)
रोमांस और कॉमेडी का फुल पैकेज है ,हसीना,
करीब 12 फिल्मों का निर्देशन कर चुके निर्माता-निर्देशक विक्की राणावत, इस बार दर्शकों के सामने एक ऐसी हसीना लेकर आ रहे हैं, जो मूर्ख बनाने में माहिर है। अपनी अदाओं का जादू चलाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाना उसे आता है और उसी जाल में फंस जाते हैं तीन लडक़े। पूरी फिल्म में हसीना और उन तीन लडक़ों के बीच दिलचस्प घटनाएं घटती हैं, जो हंसाने वाली हैं। विक्की राणावत कहते हैं कि उनकी इस फिल्म में कॉमेडी का जबरदस्त तडक़ा लगाया गया है। कहने को तो फिल्म में खूब रोमांस है लेकिन यह रोमांस सच्चा है या झूठा, यह तो फिल्म देखने पर ही पता चलेगा लेकिन इतना जरूर है कि हसीना का सम्मोहन कोई तो गुल खिलाएगा ही।

बता दें कि विक्की राणावत इससे पहले भी हसीना नाम से एक फिल्म बना चुके हैं जिसमें ईशा कोप्पिकर और राजबब्बर थे। फिलहाल वह हसीना-द क्वीन ऑफ हार्ट्स को लेकर उत्सुक हैं। फिल्म में अहम किरदार निभाया है इनायत शर्मा, मोहित अरोड़ा, अंकुर वर्मा और अर्पित सोनी ने। फिल्म का निर्माण विक्की राणावत और जितेंद्र बी वघाडिया, ने संयुक्त रूप से किया है। ,हसीना, फिल्म का स्क्रीन प्ले विक्की राणावत ने लिखी है । फिल्म की शूटिंग गोवा और उदयपुर के खूबसूरत लोकेशन्स पर की गई है। फिल्म में चार गीत हैं जिनमें तीन गीत लंदन में रिकार्ड किए गए हैं। गीत व कहानी रिषी आज़ाद की है। गीत शाहिद बाबा (लंदन),और रिषि आजाद, संगीत दिया है शाहिद बाबा लंदन, डीएच हार्मनी और विष्णु नारायण ने। फिल्म में जयपुर की ख्याति शर्मा का भी डेब्यू हो रहा है। ——Uday Bhagat(PRO)
बॉक्स ऑफिस पर सिपाही का जलवा जारी
दमदार एक्शन , आँखे नम कर देने वाला इमोशन और पूरे परिवार के साथ देखने लायक फ़िल्म सिपाही का जलवा इन दिनों बिहार के बॉक्स ऑफिस पर जारी है । 4 अगस्त को बिहार झारखंड और नेपाल में रिलीज हुई सिपाही का निर्माण सुनीता शिव क्रिएशन के बैनर तले शिवनारायण सिंह ने किया है जबकि फ़िल्म के निर्देशक हैं प्रेमांशु सिंह , जिनकी पिछली फिल्म जिगर उत्तर प्रदेश में धूम मचा रही है । सिपाही में जुबली स्टार निरहुआ , आम्रपाली दुबे के साथ सुशील सिंह , संजय पांडे , मनोज टाईगर , अयाज़ खान , अनुप अरोरा , सत्य प्रकाश सिंह , देव सिंह , संतोष श्रीवास्तव , धामा वर्मा , संजय वर्मा, संतोष पहलवान , किरण यादव , प्रिया वर्मा , सुमन झा , भूपेंद्र सिंह जैसे दिग्गज कलाकार हैं ।

सिपाही के लेखक हैं मनोज टाईगर जबकि प्यारेलाल यादव , श्याम देहाती , अरविंद तिवारी , आज़ाद सिंह , प्रमोद शकुंतलम के गीतों को संगीत से सजाया है संगीतकार ओम झा ने । फ़िल्म के कार्यकारी निर्माता हैं प्रशांत द्वेदी , कैमरामैन हैं देवेंद्र तिवारी , कला निर्देशक हैं नाजिर शेख , एक्शन डायरेक्टर हैं अंडलीब पठान , कॉस्ट्यूम डिजाइनर हैं कविता सुनीता क्रिएशन, एडिटर हैं जितेंद्र सिंह जीतू जबकि प्रचारक हैं उदय भगत । सिपाही में आइटम क्वीन सीमा सिंह अतिथि भूमिका में हैं । ——Uday Bhagat(PRO)
शुभी को मिला लंदन में अवार्ड
भोजपुरी फिल्मो की ड्रीम गर्ल कही जाने वाली अभिनेत्री शुभी शर्मा को लंदन में आयोजित एक समारोह में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का मिला है । उन्हें यह अवार्ड उनकी फिल्म दुल्हन चाही पाकिस्तान में उनकी उत्कृष्ठ भूमिका के लिए मिला है । लगभग दो दर्जन भोजपुरी फिल्मो में अपनी भूमिका से दर्शको के दिलो में राज करने वाली शुभी इसके पहले भी कई अवार्ड पा चुकी है ।

शुभी को अवार्ड मिलने से उनके प्रशंसकों में खुशी का माहौल है । सोशल मीडिया पर वे अपने अपने अंदाज में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं । शुभी ने बताया कि दर्शको के प्यार की बदौलत ही वो इस अवार्ड की हकदार बनी है । ——Uday Bhagat(PRO)
’मिशन पाकिस्तान’ के बाद ’रमाकांत प्रसाद’ और ’प्रिन्स राजपूत’ फिर एक साथ
भोजपुरी सिनेमा के जानेमाने फिल्म निर्देशक व संगीतकार ’रमाकांत प्रसाद’ और वर्सेटाइल सिनेस्टार ’प्रिन्स राजपूत’ भोजपुरी फिल्म ’मिशन पाकिस्तान’ के बाद एक बार फिर एक साथ एक नयी फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। ज्वलंत मुद्दे पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के बीच काफी रोमांच पैदा करने वाली है। ’प्रोडक्शन नं० 1’ के नाम से निर्मित की जाने वाली इस फिल्म की शूटिंग शीघ्र ही लखनऊ के मनोरम व पर्यटक स्थलों पर की जाएगी। केंद्रीय भूमिका में भोजपुरी सिनेमा की युगल जोड़ी सिनेस्टार प्रिन्स राजपूत और सिनेतारिका रूपा सिंह दर्शकों का खूब मनोरंजन करने वाले हैं।
विदित हो कि वर्सेटाइल सिनेस्टार प्रिन्स राजपूत ने अब तक जितनी भी फिल्में की हैं, उन सभी फिल्मों में उनके वर्सेटाइल अभिनय की खूब तारीफ हुई है। सिनेमा के रुपहले परदे की सफल रोमांटिक जोड़ी प्रिन्स राजपूत और रूपा सिंह को एक साथ देखना दर्शक बहुत पसंद करते हैं। उन्होंने अभी हाल ही में भोजपुरी फिल्म मिशन पाकिस्तान की शूटिंग लखनऊ के कई रमणीय व पर्यटक स्थानों पर पूरी है। नानक प्रोडक्शन हाउस प्रस्तुत इस फिल्म के निर्माता मनप्रीत सिंह हैं।

फिल्म के प्रस्तुतकर्ता भूपेन्द्र विजय सिंह हैं। फिल्म का निर्देशन रमाकांत प्रसाद कर रहे हैं तथा फिल्म के संगीतकार भी रमाकांत प्रसाद ही हैं। फिल्म की उम्दा कथा, पटकथा व संवाद सुरेंद्र मिश्रा ने लिखा है। यह सस्पेंस और थ्रिल से भरी एक दमदार एक्शन पैक्ड मनोरंजक फिल्म है। जिसका कर्णप्रिय संगीत लोगो को झूमने पर मजबूर कर देगा। उल्लेखनीय है कि प्रिन्स राजपूत ने अब तक कई भोजपुरी फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाया है। जिससे दर्शकों में उनकी अलग छवि बनी हुई है। रूपा सिंह ने भी कई भोजपुरी फिल्मों के साथ हिन्दी फिल्म में भी काम की हैं। उनकी रोमांटिक जोड़ी बागी भइले सजना हमार, जींस वाली भौजी सहित कई फिल्मों में एक साथ नजर आ चुकी है। फिल्म मिशन पाकिस्तान सहित उनकी और भी कई फिल्में जल्द ही रिलीज होने वाली हैं।
————–Ramchandra Yadav / Sarvesh Kashyap(PRO)
परदे पर दिखने लगा केके टंडन का दमखम-अनिल बेदाग-
एक दौर था जब फिल्म इंडस्ट्री में अनिवासी भारतीय कलाकारों का जलवा था। फिल्मों के विषय भी ऐसे थे जिनमें एनआरआई आर्टिस्ट के लिए काफी स्कोप रहता था। वे किसी न किसी रूप में फिल्मों का हिस्सा बने रहते थे, पर इन दिनों परदे पर मेल एनआरआई आर्टिस्ट्स बहुत कम देखने को मिल रहे हैं जबकि फीमेल्स को अच्छा स्क्रीन स्पेस मिल रहा है। वे आइटम गर्ल के तौर पर भी दिखाई दे रही हैं। यहां हम बात करेंगे एक ऐसे आर्टिस्ट की जिसने अपने दमदार अभिनय से यहां अपनी मौजूदगी को कायम रखा है और वो हैं कृष्ण कुमार टंडन, जिन्हें बॉलीवुड में केके के रूप में भी पहचान मिली है। केके टंडन को दर्शकों ने हाल ही में प्रदर्शित फिल्म मुबारकां में भी देखा है।


1972 मे दिल्ली ऑल इंडिया रेडियो में एनांउसर से अपना कॅरियर शुरू करने वाले कृष्ण उन दिनों केके टंडन के नाम से जाने जाते थे। साथ ही थियेटर भी करते थे लेकिन कुछ कारणों से उन्हें इंडिया छोड़ लंदन शिफ्ट होना पड़ा। वहां 1994 में वो बीबीसी की हिन्दी सेवा से जुड़ गये। वहां उन्होंने पत्रकार और समाचारवाचक के रूप में करीब 13 वर्षों तक काम किया। उसके बाद उन्होंने लंदन में अपनी नाटक कंपनी शुरू की जिसमें उन्होंने कितने ही नाटक किये। हिन्दी उर्दू,पंजाबी और अंग्रजी के अच्छे जानकार केके ने वहां सारी भाषाओं में नाटक लिखे। साथ-साथ निर्देशन और उनमें एक्ट भी किया।


कृष्ण कहते हैं कि दो-तीन साल पहले कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने लंदन में करण जौहर की फिल्म ‘शानदार’ में एक भूमिका के लिये मुझे कास्ट किया जिसके लिये मैने लंदन, पौलेंड तथा इंडिया में फिल्म की शूटिंग की। उसके बाद मुझे फिल्म ‘अजहर’ में एक अहम् किरदार निभाने का मौका। फिल्म ‘मुबारकां’ में मैंने एक बाबाजी की भूमिका निभाई है। इसके बाद आने वाली फिल्म होगी तापसी पन्नू के साथ ‘ मक्खणां’ तथा अक्षय कुमार के साथ ‘गोल्ड’ जिसकी शूटिंग अभी तक जारी थी तथा एक पंजाबी फिल्म है।
ध्रुपद को बचाने के लिए आगे आए संगीतकार श्रवण -अनिल बेदाग-
मुंबईः ध्रुपद में रसात्मकता है, भावनात्मकता है, लयात्मकता है। धु्प्रद से ही संगीत की विविध शैलियों का जन्म हुआ है, लेकिन गंभीर चिंता का विषय यह है कि ध्रुपद आज अस्तित्व खो रहा है। अगर इसे बचाने के प्रयास नहीं किए गए, तो शास्त्रीय संगीत को जन्म देने वाली संगीत की यह शैली लुप्त हो जाएगी। ध्रुपद गायकी को बचाने के ही प्रयासों के तहत मुंबई के एस्कॉन मंदिर में दो दिन के लिए ध्रुपद महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर दुनिया भर में ध्रुपद गायन का विस्तार करने वाले सुखदेव चतुर्वेदी ने ध्रुपद की कई बंदिशों को श्रोताओं के सामने पेश किया। ध्रुपद जैसी महान गायकी पर आए संकट को लेकर वह कहते हैं कि आज हर गायक शॉर्टकट तरीके से चर्चित होना चाहता है। वह कुछ सीखने भी आता है, तो गुरूओं से सवाल करता है कि सीखने में कितने दिन लगेंगे। सुखदेव चतुर्वेदी कहते हैं कि एक बार नौका विहार करते समय अकबर ने संगीत सम्राट तानसेन से पूछा था कि संगीत की सीमा कितनी है? इस सवाल पर तानसेन ने अपने हाथ की उंगलियों को बहते हुए सागर में डालते हुए कहा कि जहां तक मेरी उंगलियां डूबी हैं, मैं संगीत के बारे में उतना ही जान पाया हूं। सागर की जितनी गहराई है, संगीत भी उतना ही गहरा है। कई जन्म लग जाएंगे इसकी सीमा को जानने में या कहें कि इसे पूरा सीखने में।

इस मौके पर संगीतकार श्रवण भी मौजूद थे जिन्होंने सुखदेव चतुर्वेदी की बात को सही ठहराते हुए कहा कि धुपद को बचाने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करने होंगे। आज संजय लीला भंसाली जैसे कुछ ही संगीतकार बचे हैं जो जिनकी फिल्मों के संगीत में शास्त्रीयता बची है। फिल्म देवदास इसका एक अच्छा उदाहरण है। फिल्म निर्माताओं और संगीतकारों को भी चाहिए कि वे भारतीय संगीत को पाश्चात्य प्रभाव से बचाएं और संगीत में आधुनिकता के साथ-साथ शास्त्रीयता को भी जोड़ें जिससे संगीत श्रोताओं पर अपना अप्रतिम प्रभाव छोड़ेगा और लंबे समय तक सुना जाएगा।