MUMBAI – 8th Jan 2019 – Dharmawiki, a unique resource for scripture based knowledge and a project by Virat Hindustan Sangam was launched in India at a national conference titled “Grand India Renaissance” in Mumbai, this Sunday.
Dharmawiki (www.dharmawiki.org) is a bonafide repository for Dharmic concepts and guidelines, which presents crisp yet comprehensive articles free from western interpretations, psychoanalysis, and extrapolations.
Styled in the lines of Wikipedia, Dharmawiki is a knowledge bank which attempts to dispel the myths created by western indoctrination and bring about a total renaissance in the field of Sashastriya Samalochana Paddati (Shashtra based thinking process).


Subramanian Swamy, Founder & President of Virat Hindustan Sangam speaking at the conference said, “We have the largest percentage of young people in the world and today, if we have to build renaissance, we have to build a national character and encourage our youth for a risk-taking ability. It is possible to bring back the glorious past of India if we are all united. Renaissance can only happen when you know your heritage and what you can do to save that heritage.”
Swamy also stressed on the need to relook at our text books, which incorporate proper Indian history rather than only concentrate on the times of British and Moghul rule over India.
Eminent personalities present at the event gave a strong narrative on reviving our economic, educational and social structural systems for a better and prosperous future of our country based on dharmic principles.
Shri Govinda Das, Spiritualist-ISKCON said, “For an internal growth there has to be a very strong external surrounding also. Ramdas Swami, the great Guru of Shivaji, gave three messages to people viz. spiritually absorbed, politically alert and socially sensitive and this is required to be practiced in today’s context also.
“Dharmawiki is a beginning of renaissance for knowledge based on rishi parampara. It will recreate pride in our youngsters about their identity as a true Bharatiya. I am very proud to be part of this unique initiative of Dharmawiki,” added Dr. Ajay Sankhe, President of Virat Hindustan Sangam, Maharashtra.
This national conference was attended by eminent personalities including Prof. Ramasubramanian, IIT Bombay, Prof. R.Vaidyanathan, IIM Bangalore, H. H. Swami Nirbhayananda, Acharya of Chinmaya Mission, Shri. Ratan Sharda, Author and Columnist, Dr. V. V. Prakash Rao, President of Global Hindu Heritage Foundation, Shri. Jagannath Priya Ji, Editor – Dharma Today, Shri. Govinda Das, acclaimed Author & Spiritualist – ISKCON, Prof. Ganesh Ramakrishnan, IIT Bombay, Ms. Madhu Kishwar, Indian Academic and Writer, Shri. Shriraj Nair, VHP and Shri Hrishikesh Mafatlal, CEO, Arvind Mafatlal group.
The conference covered topics like Infiltration of Knowledge Resources, Pitfalls of Economy Without Dharma, Divided We Fall, Dharma Through the Eyes of West, Impact of Social Media on Psyche of Bharat, Dharmic Nationalism – A Key to Renaissance, Dharma in Net Age: East – West Perspective and Think Virat, Be Virat etc.
पवन सिंह ने मनाया सादगीपूर्ण अपना जन्मदिन, दिव्यांगों को खिलाया खाना और किया वस्त्र वितरण
भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह फिल्मी चमक दमक से दूर सादा जीवन उच्च विचार के साथ अपनी लाइफ जीते हैं। इसका ताजा नजारा एक बार फिर देखने को मिला है उनके जन्मदिन पर। इस बार पवन सिंह ने अपना जन्मदिन राँची में दिव्यांगों के साथ केक काटकर मनाया। उन्होंने दिव्यांगों को खाना खिलाया और सभी को वस्त्र व कंबल भेंट किया। इस तरह से पवन सिंह ने एक मिसाल कायम किया है। राँची में शूटिंग की जा रही भोजपुरी फिल्म क्रेक फाईटर के सेट पर भी उनका जन्मदिन सादगी से मनाया गया।

गौरतलब है कि करोड़ों दिलों की धड़कन, नेकदिल इंसान, सरल स्वभाव के धनी, मृदु भाषी, माँ सरस्वती से असीम वरदान प्राप्त, गायिकी के सिरमौर पवन सिंह के जन्मदिन पर फोन कॉल व मैसेज से लेकर सोशल साइट्स पर भी रात से लेकर दिन भर बधाईयों का तांता लगा रहा। इतना ही नहीं उनके फैंस व उन्हें दिलोजान से चाहने वालों ने अपने अपने स्तर से उनका जन्मदिन मनाया। पवन सिंह ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए तहेदिल से धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि भोजपुरी फिल्म क्रेक फाईटर की शूटिंग राँची में हो रही है, जिसमें केन्द्रीय भूमिका पवन सिंह निभा रहे हैं। उपेन्द्र सिंह फिल्म्स क्रिएशन्स के बैनर तले निर्मित की जा रही फिल्म क्रेक फाईटर के निर्माता उपेन्द्र सिंह हैं। निर्देशक सुजीत कुमार सिंह हैं, जिन्होंने कई सुपरहिट फिल्में पवन सिंह जी के साथ दी है। सह निर्माता लोकेश मिश्रा हैं। लेखक वीरू ठाकुर हैं। संगीतकार छोटे बाबा बसही हैं। प्रोडक्शन डिज़ाइनर अरशद शेख पप्पू हैं। छायांकन वेंकट महेश, मारधाड़ मल्लेश, संकलन दीपक जऊल का है।
—–Ramchandra Yadav
In the world of glamour, daydreamers struggling to become a star is something not new to hear and we all almost ignore them at certain level because of least interest obviously.
But, we also know that it is always that one person who payoff everything and achieves it to the level and get success, well one such story is of actor Allah Rahi who is all set to become an upcoming newbie star.
Actor Allah Rahi is one of them to whom now audience has gradually started knowing through his various projects like film’s, shortfilm’s, modeling and most importantly because of his charm.



Roots from Uttar Pradesh’s Raebareli and Simarpaha village, he got shifted to Kolkata for his schooling and passed out from St. Stephen’s school, Bowbazar when he was a kid. Being passionate of acting since his childhood, Rahi simultaneously did his acting course from one of Kolkata’s most reputed institute and got his hand in acting by Sayan Banerjee and Poushmita Goswami.
Dwelling more into the showoff business day by day, Allah Rahi started grabbing eyeballs in Kolkata industry and achieved levels after levels there. He won himself as Icon award Mr.Kolkata in modelling competition in the year 2016 and later did lead roles in renowned shortfilms/music videos/webseries and what not.
While interacting with media about his journey till now, the actor says that he got immense support from his institute friend Raj Aryan Singh, Puja Roy and his mother and father also?
The actor further added, “Bollywood industry is difficult to survive but my inspiration is Mr. Nawazudin Siddiqui and I consider him as my idol and keep working hard just like he did and today we all know who he is”.
प्रियंका पंडित और रितेश पांडेय की फिल्म ‘कर्म युग’ दर्शकों को पसंद आ रही है मल्टीप्लेक्स में भी दिखा जलवा
रतन राहा की फिल्म ‘कर्म युग’ आज मुंबई के बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म मुंबई में सिंगल थियेटर के अलावा मल्टीप्लेक्स में भी लगी है, जहां फिल्म को शानदार ओनपिंग मिलने की खबर है। ट्रेड पंडित बताते हैं कि रतन राहा ने एक बार फिर बेहतरीन फिल्म बनाई है और रिलीज की टाइमिंग भी शानदार है। क्योंकि साल 2019 में रिलीज होने वाली ”कर्म युग” पहली भोजपुरी फिल्म है। अमृत फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ‘कर्म युग’ के लिए खास बात ये भी है कि इसका जलवा मल्टीप्लेक्स में भी देखने को मिल रहा है।
फिल्म में सुपर स्टार रितेश पांडेय, लक्ष्य (नवोदित) ,गार्गी पंडित, निशा दुबे, संजय पांडेय, गिरिश शर्मा, अयाज खान, सोनी पटेल,सोनी दुबे,संजय वर्मा व बाल कलाकार ईशिता पाल भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्माण अमृत एल गांधी ने किया है, जबकी रतन राहा ने फिल्म को निर्देशित किया है। फिल्म को मिली ओपनिंग से संतुष्ट नजर आये रतन राहा ने कहा कि उम्मीद के अनुरूप ही पहले दिन दर्शकों का प्यार मिला है। आगे भी फिल्म के सारे शो हिट जायेंगे, क्योंकि दर्शकों को यह फिल्म पसंद आ रही है।


उन्होंने कहा कि हमें मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, दर्शकों को संगीतकार दामोदर राव के संगीत में सजी फिल्म के हर गाने, कहानी और संवाद बेहद भा रहे हैं। साथ ही रितेश, गार्गी, निशा आदि कलाकारों के अभिनय को भी खूब सराहा जा रहा है। इसके अलावा संजय पांडेय और अयाज खान हर बार की तरह लोगों को पसंद आये हैं। इसलिए हम आशा करते हैं कि जिस तरह फिल्म को आज ओपनिंग मिली, उसी तरह आने वाले दिनों में दर्शकों का प्यार हमारी फिल्म कर्म युग को भरपूर मिलेगा।
बता दें कि फिल्म के सह निर्माता नरेंद्र डोगरा, लेखक अनिल विश्वकर्मा और प्रचारक संजय भूषण पटियाला हैं। कर्म युग के खूबसूरत गाने को संतोष दुबे, राजेश मिश्रा, मुन्ना दुबे, आर. आर पंकज और फणींद्र राव ने लिखा है, जबकि इसमें संगीत दामोदर राव ने दिया है। डीओपी नंदलाल चौधरी, एक्शन नाबा स्टंटस, संकलन कोमल वर्मा और कोरियोग्राफ कानु मुखर्जी ने किया है।
——–Sanjay Bhushan Patiyala
फिल्म ‘बटालियन 609’में सबसे इंट्रेस्टिंग किरदार मेरा है : स्पर्श शर्मा
दिल्ली के रहने वाले स्पर्श शर्मा थिएटर बैकग्राउंड से हैं. कबीर सदानंद के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘गोलू और पप्पू’ में उन्होंने काम किया था. २०१४ में रिलीज़ हुई इस फिल्म में डिम्पल कपाडिया, कुणाल राय कपूर, वीर दास, संदीपा धार, दीपक तिजोरी भी थे. उसी साल फिल्म फगली में उन्होंने जिम्मी शेरगिल, मोहित मारवाह, कियारा अडवाणी, विजेंद्र सिंह के साथ अभिनय किया था. और अब उनकी तीसरी फिल्म ‘बटालियन 609’ 11 जनवरी 2019 को सिनेमाघरों में रिलीज़ की जा रही है। इस फिल्म में भी उनका एक अहम किरदार है, इस फिल्म से सम्बन्धित और उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर स्पर्श शर्मा से बातचीत पेश की जा रही है.


-स्पर्श जी, आप अपनी जर्नी को कैसे देखते हैं?
* देखिये, मैं दिल्ली से सम्बन्ध रखता हूँ. आठ वर्षों तक थिएटर किया है. नाटक करके ही मैंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं और पूरे भारत में परफोर्म किया. २०११ में मुंबई आया. उसके बाद कई फिल्मे कीं, लेकिन रिलीज़ नहीं हो पाई. इस दौरान मैंने टीवी इंडस्ट्री में कदम रखा. सहारा वन चैनल के सीरियल ‘कहानी चंद्रकांता की’ में अभिनय किया. उसमे मैंने सात आठ महीने काम किये. कहीं न कहीं मुझसे क्रिएटिविटी छूट रही थी, एक्टिंग का जो क्राफ्ट मैंने बड़ी मुश्किल से सीखा था वह छूट रहा था. इसलिए मैंने सीरियल्स से ब्रेक लिया और फिल्मो में काम करने का इरादा किया.
-फिर फिल्मो का सफ़र कैसे शुरू हुआ?
* कबीर सदानंद के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘गोलू और पप्पू’ में काम किया. २०१४ में रिलीज़ हुई इस फिल्म में मेरा एक अहम किरदार था, जिसका नाम परवेज़ था. जिसकी शूटिंग हिमाचल प्रदेश में हुई थी. बेहतरीन लोकेशन थी फिल्म के प्राइमरी कलाकारों में मैं एक था. इस फिल्म में डिम्पल कपाडिया, कुणाल राय कपूर, वीर दास, संदीपा धार, दीपक तिजोरी भी थे. उस फिल्म को करते समय डायरेक्टर कबीर सदानंद से मेरे घरेलु रिश्ते बन गए थे. इस फिल्म में मेरे काम से कबीर सर इतने इम्प्रेस हुए कि उन्होंने मुझे अपनी अगली फिल्म ‘फ़गली’ ऑफर कर दी. हालाँकि मेरी पहली रिलीज़ फिल्म फगली ही थी उसके बाद गोलू और पप्पू रिलीज़ हुई थी. २०१४ में रिलीज़ हुई फिल्म फगली में मेरा किरदार कुकी का था. फगली में जिम्मी शेरगिल, मोहित मारवाह, कियारा अडवाणी, विजेंद्र सिंह ने अभिनय किया था.
-इसके बाद आपकी क्या व्यस्तता रही?
* इसके बाद भी मैंने कई फिल्मो में काम किया जो रिलीज़ तक नहीं पहुँच पाई. इस दौरान मैंने एक फिल्म ‘कासगंज’ लिख डाली. कई फिल्मे करने के बाद भी मुझे ऐसे रोल नहीं मिल रहे थे जिसमे मैं खुल कर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखा सकूँ. इसलिए मैंने यह फिल्म लिखी. अब मेरी रिलीज़ होने वाली तीसरी फिल्म ‘बटालियन 609’ आ रही है जो ११ जनवरी को सिनेमाघरों में पेश की जाएगी.
-फिल्म ‘बटालियन 609’किस तरह की फिल्म है?
*इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि एक वार फिल्म होते हुए भी इसमें क्रिकेट एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. भारत पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच बोर्डर पर होता है. कैसे सोल्जर्स की टीम बनती है. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस फिल्म में भारत और पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच है। जो सरहद पर खेला गया है। यह अपने आप में एक अनोखी फिल्म है. एक रोमांचकारी फिल्म, ‘बटालियन 60 9’ भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के विषय को छूती है। इसका एक अनूठा विषय है. बृजेश बटुकनाथ त्रिपाठी द्वारा लिखित और निर्देशित, फिल्म ‘बटालियन 609 का निर्माण नारायणदास लालवानी द्वारा किया गया है। डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की भी यह पहली फिल्म है. फिल्म में बिग बॉस से प्रसिद्ध हुई दीपिका इब्राहिम के पति शोएब इब्राहिम हैं।
-फिल्म में आपका किरदार किस तरह का है?
*इस फिल्म में मेरा सबसे इंट्रेस्टिंग किरदार है. यह एक ऐसा किरदार है जिससे दर्शकों को प्यार हो जायेगा. देखिये अगर फिल्म आर्मी बेस्ड होती है तो एक ही इमोशन होता है वतन के लिए प्यार. मेरे किरदार का नाम है जस्सी. और जस्सी के किरदार में इतने सारे शेड्स हैं कि इसको करने में बहुत मज़ा आया. जस्सी एक इंडियन फौजी है और उसके अन्दर फ़िल्मी कीड़ा है. वह फिल्मो से बड़ा इंस्पायर्ड है और सदाबहार एक्टर्स के मशहूर डायलॉग बोलता है. वह किसी भी सिचुएशन में किसी मशहूर कलाकार का कोई संवाद बोल देता है जो उस स्थिति में सटीक लगता है. यह एक ऐसा किरदार है जो फिल्म में कॉमेडी भी क्रिएट कर रहा होता है. जस्सी की कॉमेडी का अंदाज़ ऐसा है कि दर्शकों को गुदगुदा कर निकल जाता है. जस्सी एक ऐसा किरदार भी है जो अपने वतन के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा भी रखता है. वह फिल्म में बहुत अच्छा फाइटर है. फिल्म के निर्माता मुझे जस्सी कहकर बुलाते थे, यह भी अपने आप में एक कॉम्प्लीमेंट रहा है.
-इस फिल्म में आपके साथ कौन सी अभिनेत्री नज़र आएँगी?
* इस फिल्म में मेरे अपोजिट हिरोइन फर्नाज़ शेट्टी हैं. इनके साथ जस्सी का रोमांस भी है. फ़रनाज़ ने फिल्म में बिजली का किरदार अदा किया है. जस्सी कैसे बिजली को इम्प्रेस करने की कोशिश करता रहता है यही फिल्म में दिखाने की कोशिश की गई है. यह बहुत सी क्यूट लव स्टोरी है. जिस तरह फिल्म शोले में धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी की लव स्टोरी चलती रहती है कुछ उसी तर्ज पर इस फिल्म में बिजली और जस्सी की है.
-फिल्म की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?
*इस फिल्म की शूटिंग बीकानेर में हुई है. राजस्थान में रेत पर शूटिंग करना हमारे लिए बड़ा मुश्किल था. जेपी दत्ता साहेब की फिल्म बॉर्डर जहाँ शूट हुई थी हमारी फिल्म भी उसी लोकेशन पर शूट की गई है. वहां 48 डिग्री के तापमान पर हमने शूट किया. यह एक जादुई अनुभव था.
-फिल्म क्या कहना चाहती हैं?
* यह एक सीरियस इंटेंस फिल्म है. फिल्म यह कहना चाहती है कि जरुरी नहीं है कि जंग के द्वारा ही दो देशों के मुद्दे हल हों. बातों से ही समस्या का समाधान निकल सकता है युद्ध से नहीं. हमारी फिल्म में क्रिकेट मैच को एक हल के रुप में दर्शाया गया है.
– इसके बाद आपके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स कौन से हैं?
* जी हाँ, इस फिल्म के अलावा मेरे पास ३ और प्रोजेक्ट्स हैं. मैंने डायरेक्टर एस एस राजामौली के असोसिएट डायरेक्टर के साथ एक फिल्म साइन की है. ‘भयम – बियोंड फियर’ नाम की इस फिल्म से वह बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे हैं. इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में होगी. फ़रवरी में इस फिल्म की शूटिंग शुरू होगी. 30 दिनों का शूट होगा. यह एक साइक्लोजिकल थ्रिलर फिल्म होगी. ‘भयम’ के बाद हम फिल्म ‘कासगंज’ शुरू करेंगे. मैं इस फिल्म में एक्टर और राइटर हूँ. उस फिल्म में मैं नायक हूँ. कासगंज यूपी की जगह है. इसकी शूटिंग भी यूपी में ही होगी. जहाँ तक वेब सिरीज़ का सम्बन्ध है मुझे लगता है कि यही फ्यूचर है.
भारत के प्रथम शिक्षामंत्री ‘ मौलाना आज़ाद ‘ की बायोपिक का ट्रेलर और पोस्टर हुआ रिलीज
मौलाना आज़ाद पर बनी पहली हिन्दी फिचर फिल्म 18 जनवरी, 2019 को रिलीज होगी
मौलाना आज़ाद पर राजेंद्र फिल्म्स के बैनर तले निर्मित और श्रीमती भारती व्यास प्रस्तुत पहली हिन्दी फिल्म ‘ वो जो था एक मसीहा मौलाना आज़ाद ‘ 18 जनवरी, 2019 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म के निर्माता, कथा, पटकथा, संवाद, गीत लेखक डॉ. राजेंद्र संजय हैं । इसका निर्देशन डॉ. राजेंद्र संजय ने संजय सिंह नेगी के साथ मिलकर किया है । फिल्म में संगीत दर्शन कहार ने दिया है जबकि कला निर्देशक मनोज मिश्रा हैं।



फिल्म के मुख्य कलाकार लिनेश फणसे (मौलाना आज़ाद), सिराली (जुलैखा बेगम), सुधीर जोगलेकर, आरती गुप्ते, डॉ. राजेंद्र संजय, अरविंद वेकरिया, शरद शाह, के टी मेंघानी, चेतन ठक्कर, सुनील बलवंत, माही सिंह, चांद अंसारी , मुन्ना शर्मा और वीरेंद्र मिश्रा हैं ।
मौलाना आज़ाद का पूरा नाम अबुल कलाम मोहियुद्दीन अहमद था, जिनका बचपन बड़े भाई यासीन, तीन बड़ी बहनों ज़ैनब, फ़ातिमा और हनीफा के साथ कलकत्ता (कोलकाता) में गुज़रा। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने हस्तलिखित पत्रिका ‘ नैरंग-ए-आलम ’ निकाली जिसे अदबी दुनिया ने खूब सराहा। हिंदुस्तान से अंग्रेजों को भगाने के लिए वे मशहूर क्रांतिकारी श्री अरबिंदो घोष के संगठन के सक्रिय सदस्य बनकर, उनके प्रिय पात्र बन गए। उन्होंने एक के बाद एक, दो पत्रिकाओं ‘ अल-हिलाल ’ औऱ ‘ अल बलाह’ का प्रकाशन किया जिनकी लोकप्रियता से डरकर अंग्रेजी हुकूमत ने दोनों पत्रिकाओं का प्रकाशन बंद कराकर, उन्हें कलकत्ता से तड़ी पार कर रांची में नज़रबंद कर दिया। चार साल बाद सन् 1920 में नजरबंदी से रिहा होकर वह दिल्ली में पहली बार महात्मा गांधी से मिले और उनके सबसे करीबी सहयोगी बन गए।
उनकी प्रतिभा और ओज से प्रभावित जवाहरलाल नेहरु उन्हें अपना बड़ा भाई मानते थे। पैंतीस साल की उम्र में आज़ाद कांग्रेस के सबसे कम उम्र वाले अध्यक्ष चुने गए। गांधी जी की लंबी जेल-यात्रा के दौरान आज़ाद ने दो दलों में बंट चुकी कांग्रेस को फिर से एक करके अंग्रेजों के तोड़ू नीति को नाकाम कर दिया। केंद्रीय शिक्षामंत्री के रुप में उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में क्रांति पैदा करके उसे पश्चिमी देशों की पंक्ति में ला बिठाया। हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले मौलाना आज़ाद जैसे सपूत के जीवन की दिलचस्प कहानी को रुपहले पर्दे पर पेश किया जा रहा है ।
फिल्म के निर्माता डॉ. राजेंद्र संजय ने बताया कि इस फिल्म का निर्माण मैंने मौलाना आज़ाद की जीवनी से प्रभावित होकर किया। मौलाना आज़ाद एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिनके जीवन में काफी भावनात्मक उतार-चढ़ाव थे और स्वतंत्रता संग्राम में भी उनके कार्यों की गाथा अनूठी है। मौलाना आज़ाद पर बनने वाली भारत की यह पहली फिचर फिल्म है। इसके किरदारों का फिल्म के निर्माण के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उनकी तन्मयता और योगदान के लिए मैं उन्हें तहे दिल से धन्यवाद देता हूं।
As the tail of the year approaches New Year Party In the world plans to welcome 2019 with a great bash. New Year’s Eve can make you nostalgic of the 12 months that sped by but don’t you worry, make up for all the nights you missed by catching-up for this 31st night. Party with family, friends, party outdoors and in resorts to have the best New Year. Apart from the party and enjoyment you should take care of your safety while driving and you can help the others during the road accident. 1,37,000 people died on India’s roads last year. Our roads are the most dangerous in the world and so Producer Chanda Patel made a short film “Two Fold Twist” staring Suraj Kumar and Raveena Tilwat to spread the message of Road Safety and helping others while road accident. This short film is made to spread awareness among people to drive safely, as their life matters to someone. Many die as a consequence of inexperience, speeding, intoxication or just plain recklessness. The focus of this short film is to deliver a message to the masses and youngsters about the helping others during road accident.

While talking to the media Chanda Patel Said, “ When a road accident occurs, bystanders will usually try to help the injured, or at least call for help. In India it’s different. In a country with some of the world’s most dangerous roads, victims are all too often left to fend for themselves. Film is a strong medium which has maximum impact on people as they remember scenes and dialogues for long time. Through this film, we want to give message that people can atleast inform the police by dialling 100 or call in ambulance by dialling 108 from their phones. This will help in saving precious lives”.
Stating that road accidents are the biggest cause of death in the city, The aim of the film is to raise awareness of road safety and help to save lives. Director Riyan Koul said, “most of the accidents are due to the negligence. Many people have lost lives because traffic rules were not followed. It is very important to be responsible while driving. Road safety should also be taught to children from a young age”.
PASTOR Rev.Dr MARK.M.SAKHARPEKAR Christmas Celebration with Sunil Kedar from Saoner Assembly Constituency as an Indian National Congress Candidate.



And again currently In 2014 in 13th Maharashtra Legislative Assembly he was elected from Saoner Assembly Constituency as an Indian National Congress candidate.
Currently He is the member of 13th Maharashtra Legislative Assembly.